उसने देख नहीं है आईना
जिसने तेरा ख्याल रखा है ॥
अपनी गजलो में अपनी गीतों में
हमने तेरा जमाल रखा है ॥
कौन हमदर्द है परिंदों का
किसने दानो पे जाल रखा है ॥
वह जरा मूत माइन नहीं होते यहाँ
कलेजा निकाल रखा है ॥
मत देखा खबाब हमको जन्नत के
हमने सब देखभाल रखा है ।।
मौत ने फिर आज मेरे
आगे जिन्दगी सवाल रखा है ॥
आज बैचेन है मेरी आँखे
उसने घूँघट निकाल रखा है ॥
जिसने तेरा ख्याल रखा है ॥
अपनी गजलो में अपनी गीतों में
हमने तेरा जमाल रखा है ॥
कौन हमदर्द है परिंदों का
किसने दानो पे जाल रखा है ॥
वह जरा मूत माइन नहीं होते यहाँ
कलेजा निकाल रखा है ॥
मत देखा खबाब हमको जन्नत के
हमने सब देखभाल रखा है ।।
मौत ने फिर आज मेरे
आगे जिन्दगी सवाल रखा है ॥
आज बैचेन है मेरी आँखे
उसने घूँघट निकाल रखा है ॥
SANDEEP SIR
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